Dosti Shayari

Dosti shayari and sms messages iDosti Shayarin Hindi and Urdu for best friends as friendship day shayari . Dosty poetry is best way to prove yaari to your yaar. Its really hard to find good friends but if we find one we should continue our dosty yari . many peets have done dosty shayri we have given here the complete collection.


Kisi dost ko fazool na samjho

Kisi dost ko fazool na samjho. KYUN KJo darakht phal nahi deta WOH saaya zaroor deta hai. Shared by : Rashid ----------------------------------------- Click here to submit your Poetry collection -----------------------------------------

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मुझे रेगिस्तान मैं एक पानी का चश्मा मिल गया

मुझे रेगिस्तान मैं एक पानी का चश्मा मिल गया मुझसे ना उम्मीद होने वालो देखो समुन्द्र मिल गया उड़ ही गया वो परिंदा जिसके पर तुमको ना दिखे देखो तंज़ देने वालो मुझे एक खजिना मिल गया बदला वक़्त ऐसा मेरा मुझे हेरात मैं कर दिया अभी तो रात थी ये ना जाने किसने उजाला कर दिया अब तो फ़िक्र और बड़ गई ये जाने किसने किया कर दिया पैदल ही अच्छा था ये दौड़ने वालो मैं क्यों शुमार कर दिया

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कभी सोचा ना था बचपन इतना जल्दि खो जाएगा

कभी सोचा ना था बचपन इतना जल्दि खो जाएगा। जिम्मेदारिओंके बोझ तले हर वो सपना गुम हो जाएगा। याद आते है वो स्कूल के दोस्त,वो साईकिल की सवारी। गलेमे हाथ डालके घुमना,और वो बाते प्यारी प्यारी। वो मिट्टि के टिले,वो बारिशका पानी। चाँकलेट पे मिले वो स्टिकर्स,जिन्हे लेके होति थी मारामारि। वो झुठमूट का रुठना केहके"जा,तु मेरा दोस्त नहि ", पर झगडा होतेहि आके बोलना"साले,तु नहि तो में भी नहि"। वो टिचरकि डाँटपे ,अँक्टिंग सेहम जानेकी, मन हि मन हँसके बोलना "तुझें भी तो डाँट पडी"। त्योहारोमें घरघर घुमना,भुलके मजहब और जात, शीर कुर्मे के साथ दिवालिकें लड्डू,और बडोंका आशिर्वाद। पिकनिक के वो धमाल गाने,नाचना बेसुरि ताल पर, चुईंगम चबाके चिपकाना ,टिचरजिके शर्ट पर। वो आखरि दिन स्कूलका, "यार मिलते रेहना"बोले आँखोंका पानि, चुपचुपके मन भरकें देखना वो क्लास की "अपनीवालि"। जिंदगिके ईस मुकाम पर, कभी पिछे मुडकेभि देखो यारो, स्कूलके वो दिन, कभि बैठके याद करो यारो। तब पता चलेगा, क्या खोया क्या पाया। तब समझोगे, अरे,सारा जीवन तो युहि गवाया। वो बचपन वापस दे दे कोई, करो रे कोई चमत्कार, दे दे वापस मेरि खिलखिलाति हुई हँसि, और मेरे कमिने दोस्तोंके बाहोंका हार।

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Apnay MASROOF Yaar Na Janay Kesay Hein??

Bol Hawa Us Paar Zamanay Kesay Hein? Door Sheher Mein Yaar Puranay Kesay Hein? Chand Utarta Hai Ab Kis Kis Aangan Mein? Kirnon Se Mehroom Gharanay Kesay Hein? Lab’Basta Darwazon Per Kiya Beet Gai? Galiyon Se Mansoob Afsanay Kesay Hein? Jin K JhurMat Mein Shaamain Dam Torr Gaein, Wo Pyaray, Pagal, Parwanay Kesay Hein? “MOHSIN” Hum To Khair Khabar Se ...

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